रिटायर्ड इंजीनियर और मनोरमागंज में होस्टल चलाने वाले अजय शाह की हत्या में एक आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद यह खुलासा हो गया है कि प्लॉट हड़पने के लिए ही उनकी हत्या की गई। मुख्य आरोपी विवेक उर्फ भय्यू शाह के परिवार का भरोसेमंद था। उसने प्लॉट के लिए शाह को कई बार मनाने की कोशिश की, असफल हुआ तो हत्या के लिए दोस्तों की गैंग बनाई। मृतक की पत्नी अंजलि ने पुलिस को बताया कि भय्यू ने प्लॉट किराए पर देने का ऑफर दिया, फिर बोला- मैं ग्राहक ले आता हूं। जब उन्होंने (शाह) उसे साफ इनकार कर दिया तो दुखी हो गया। भय्यू बचपन से हमारे यहां आता-जाता रहा है, इसलिए घर और परिवार से परिचित था। कई बार वह हमारे यहां रुक जाता था। बुधवार शाम 5 बजे वह दो लोगों के साथ आया। बोला- अंकल ऊपर के कमरे देखना है। फिर एक घंटे बाद नीचे आया और बताया कि कमरा जम गया है, बस गाड़ी में सामान आने वाला है। बयाना देने की बात भी कही। मैंने जब उनका पूछा तो बताया कि अंकल टंकी ठीक कर रहे हैं। मैंने शीतल को देखने भेजा। वह बोली- अंकल वहां नहीं हैं। शीतल बोली- दो-तीन कमरे दिखाए और आरोपी बोले अंकल यहां नहीं हैं शीतल ने पुलिस को बताया वह ऊपर गई तो भय्यू ने दो-तीन कमरे दिखाए और बोला अंकल यहां नहीं हैं। आंटी के कहने पर दोबारा गई तो भी अंकल नहीं दिखे। आंटी उन्हें फोन लगा रही थी, घंटी जा रही थी, लेकिन अंकल का मोबाइल नहीं दिखा। जब मैं तीसरी बार गई तो तीनों ने मेरा मुंह तकिए से दबा दिया। मैं बेहोश हो गई। बाद में मेरी मां आई, तब होश आया। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद शाह के स्थानीय रिश्तेदार एकत्र हो गए। उन्हें शीतल के बयान संदिग्ध लग रहे हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Plot to kill Shah as soon as the offer to rent the plot was rejected, gang of friends formed


रिटायर्ड इंजीनियर और मनोरमागंज में होस्टल चलाने वाले अजय शाह की हत्या में एक आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद यह खुलासा हो गया है कि प्लॉट हड़पने के लिए ही उनकी हत्या की गई। मुख्य आरोपी विवेक उर्फ भय्यू शाह के परिवार का भरोसेमंद था। उसने प्लॉट के लिए शाह को कई बार मनाने की कोशिश की, असफल हुआ तो हत्या के लिए दोस्तों की गैंग बनाई।
मृतक की पत्नी अंजलि ने पुलिस को बताया कि भय्यू ने प्लॉट किराए पर देने का ऑफर दिया, फिर बोला- मैं ग्राहक ले आता हूं। जब उन्होंने (शाह) उसे साफ इनकार कर दिया तो दुखी हो गया। भय्यू बचपन से हमारे यहां आता-जाता रहा है, इसलिए घर और परिवार से परिचित था। कई बार वह हमारे यहां रुक जाता था। बुधवार शाम 5 बजे वह दो लोगों के साथ आया। बोला- अंकल ऊपर के कमरे देखना है। फिर एक घंटे बाद नीचे आया और बताया कि कमरा जम गया है, बस गाड़ी में सामान आने वाला है। बयाना देने की बात भी कही। मैंने जब उनका पूछा तो बताया कि अंकल टंकी ठीक कर रहे हैं। मैंने शीतल को देखने भेजा। वह बोली- अंकल वहां नहीं हैं।
शीतल बोली- दो-तीन कमरे दिखाए और आरोपी बोले अंकल यहां नहीं हैं
शीतल ने पुलिस को बताया वह ऊपर गई तो भय्यू ने दो-तीन कमरे दिखाए और बोला अंकल यहां नहीं हैं। आंटी के कहने पर दोबारा गई तो भी अंकल नहीं दिखे। आंटी उन्हें फोन लगा रही थी, घंटी जा रही थी, लेकिन अंकल का मोबाइल नहीं दिखा। जब मैं तीसरी बार गई तो तीनों ने मेरा मुंह तकिए से दबा दिया। मैं बेहोश हो गई। बाद में मेरी मां आई, तब होश आया। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद शाह के स्थानीय रिश्तेदार एकत्र हो गए। उन्हें शीतल के बयान संदिग्ध लग रहे हैं।



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