लॉकडाउन में लोगों के घरों तक सब्जियां पहुंचाने के लिए हमने 500 रुपए रोज में मैजिक लगाई। 21 दिन के हिसाब से 10,500 रुपए बनते हैं। किसी मैजिक चालक को 6 हजार रुपए तो किसी को 7 हजार रुपए ही मिले। शेष राशि काट ली है। जबकि कोविड 19 के बीच रोज मैजिक चालक वाहन लेकर मंडी पहुंचे और जनता तक जल्द सब्जी पहुंचे इसके लिए डटे रहे। अकाउंट में जो राशि डाली जा रही है वो पूरी नहीं डाली जा रही है। कोरोना को देखते हुए हमने पहले ही अपनी मैजिक सस्ते में लगाई। इसके बाद भी राशि पूरी नहीं दी जा रही। पूरे 21 दिन का भुगतान किया जाए।
यह कहना है मैजिक चालकों का। उन्होंने पहले विधायक चेतन्य काश्यप के निवास पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद कलेक्टोरेट में अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। मैजिक टेम्पो यूनियन के राजकुमार जैन लाला एवं अशोक पंचोली ने बताया पहले ही ट्रेनें और बसें बंद होने से कारोबार ठप हैं। ऊपर से लॉकडाउन में जो मैजिक अधिगृहीत की थी उसकी पूरी राशि भी नहीं मिल पाई है। पहले ही सस्ते में मैजिक लगाई। मैजिक का अधिग्रहण 13 अप्रैल से 24 मई तक किया। मैजिक चालक कोरोना संक्रमण के बावजूद दिनभर जनता की सेवा में जुटे रहे। इसके बाद भी किराया कम क्यों दिया जा रहा है। मैजिक टेम्पो यूनियन के पदाधिकारी भी मौजूद थे।
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