(हरिमोहन गुप्ता, चांसलर, जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी) भोपाल में शिक्षा की परंपरा बेहतर होने का कारण है इसका भारत में सबसे अनूठे स्थान अथार्त मध्य में स्थित होना, जो न केवल इसे भौगोलिक, आधारभूत संरचना और अर्थव्यवस्था की दृष्टि से श्रेष्ठ बनता है, बल्कि यह देश भर से रेलगाड़ियों और रोड से सुविधाजनक रूप से जुड़ा हुआ है। भो पाल को उसकी जड़ों से जुड़ा हुआ बौद्धिक ज्ञान और संस्कृति ऐतिहासिक विरासत के रूप में मिली है। यहीं से भोपाल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों की नींव पड़ना शुरू हुई। आज की तारीख तक भोपाल में सर्वोच्च रैंक प्राप्त स्कूल्स और शैक्षिक संस्थान कार्य कर रहे हैं, जिनमें नेशनल ज्युडिशियल एकडेमी, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑप इंडिया, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड अर्चितचतुरे, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, एनएलआईयू और प्राइवेट सेक्टर की कुछ अग्रणी यूनिवर्सिटीज शामिल हैं। भोपाल बिल्कुल अनाधिकारिक रूप से उच्च शिक्षा के लिए ‘ब्रेनपावर सेंटर’ की तरह ही है। भोपाल में सबसे पहले पब्लिक स्कूल के रूप में अग्रणी दिल्ली पब्लिक स्कूल की शुरुआत हुई और एक अवधारणा विकसित हुई, जिस कारण आज भोपाल में कुछ बेहतरीन स्कूल हैं, जो युवा अवस्था से ही स्टूडेंट्स के कौशल को निखारते हैं। जागरण सोशल वेलफेयर सोसाइटी भोपाल का ऐसा अग्रणी सामाजिक संस्थान साबित हुआ, जिसने मप्र के भोपाल शहर में दिल्ली पब्लिक स्कूल को स्थापित किया। आज सम्पूर्ण भारत के सर्वोच्च रैंक प्राप्त पब्लिक स्कूल होने के साथ डीपीएस उत्कृष्ट शिक्षा और विशेष रूप से सभी को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। समाज के लिए अपनी वचनबद्धता को ध्यान में रखते हुए जेएसडब्ल्यू ने डीपीएस की ही सुविधाओं और गुणवत्ता के साथ समाज में शिक्षा से वंचितों के लिए मुफ्त शिक्षा स्कूल स्थापित किए हैं। इन्हें शिक्षा केंद्र के नाम से जाना जाता है। भोपाल की एक और खासियत है। इसकी अनूठी, ऐतिहासिक, विभिन्न सामुदायिक संस्कृति और भौगोलिक मेल से मूल्य आधारित शैक्षिक व्यवस्था को आधार मिलता है, जिसे जेएसडब्ल्यू ने अपनाते हुए जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी के रूप में विभिन्न विषयों के साथ एक वैश्विक यूनिवर्सिटी की स्थापना भोपाल में की। भारत के कई शहरों, कस्बों, गांवों व राज्यों से यहां छात्र पढ़ने आते हैं। फॉरेस्ट मैनेजमेंट के लिए यहां राष्ट्रीय महत्वता का इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट संस्थान है, इसी तरह नेशनल ज्युडिशियल एकडेमी इसे लीगल ट्रेनिंग और पालिसी मेकिंग का केंद्र बनती है। पत्रकारिता के लिए मप्र में सबसे पुरानी निजी यूनिवर्सिटी में से एक जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी भी मौजूद है, जिसे भारत में मीडिया शिक्षा की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग प्राप्त है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Bhopal is our heart of education in central India, students from many cities, towns, villages and states of India come here to study.


(हरिमोहन गुप्ता, चांसलर, जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी) भोपाल में शिक्षा की परंपरा बेहतर होने का कारण है इसका भारत में सबसे अनूठे स्थान अथार्त मध्य में स्थित होना, जो न केवल इसे भौगोलिक, आधारभूत संरचना और अर्थव्यवस्था की दृष्टि से श्रेष्ठ बनता है, बल्कि यह देश भर से रेलगाड़ियों और रोड से सुविधाजनक रूप से जुड़ा हुआ है।

भो पाल को उसकी जड़ों से जुड़ा हुआ बौद्धिक ज्ञान और संस्कृति ऐतिहासिक विरासत के रूप में मिली है। यहीं से भोपाल क्षेत्र में उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों की नींव पड़ना शुरू हुई। आज की तारीख तक भोपाल में सर्वोच्च रैंक प्राप्त स्कूल्स और शैक्षिक संस्थान कार्य कर रहे हैं, जिनमें नेशनल ज्युडिशियल एकडेमी, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑप इंडिया, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड अर्चितचतुरे, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, एनएलआईयू और प्राइवेट सेक्टर की कुछ अग्रणी यूनिवर्सिटीज शामिल हैं।

भोपाल बिल्कुल अनाधिकारिक रूप से उच्च शिक्षा के लिए ‘ब्रेनपावर सेंटर’ की तरह ही है। भोपाल में सबसे पहले पब्लिक स्कूल के रूप में अग्रणी दिल्ली पब्लिक स्कूल की शुरुआत हुई और एक अवधारणा विकसित हुई, जिस कारण आज भोपाल में कुछ बेहतरीन स्कूल हैं, जो युवा अवस्था से ही स्टूडेंट्स के कौशल को निखारते हैं। जागरण सोशल वेलफेयर सोसाइटी भोपाल का ऐसा अग्रणी सामाजिक संस्थान साबित हुआ, जिसने मप्र के भोपाल शहर में दिल्ली पब्लिक स्कूल को स्थापित किया।

आज सम्पूर्ण भारत के सर्वोच्च रैंक प्राप्त पब्लिक स्कूल होने के साथ डीपीएस उत्कृष्ट शिक्षा और विशेष रूप से सभी को गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। समाज के लिए अपनी वचनबद्धता को ध्यान में रखते हुए जेएसडब्ल्यू ने डीपीएस की ही सुविधाओं और गुणवत्ता के साथ समाज में शिक्षा से वंचितों के लिए मुफ्त शिक्षा स्कूल स्थापित किए हैं। इन्हें शिक्षा केंद्र के नाम से जाना जाता है। भोपाल की एक और खासियत है।

इसकी अनूठी, ऐतिहासिक, विभिन्न सामुदायिक संस्कृति और भौगोलिक मेल से मूल्य आधारित शैक्षिक व्यवस्था को आधार मिलता है, जिसे जेएसडब्ल्यू ने अपनाते हुए जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी के रूप में विभिन्न विषयों के साथ एक वैश्विक यूनिवर्सिटी की स्थापना भोपाल में की। भारत के कई शहरों, कस्बों, गांवों व राज्यों से यहां छात्र पढ़ने आते हैं।

फॉरेस्ट मैनेजमेंट के लिए यहां राष्ट्रीय महत्वता का इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट संस्थान है, इसी तरह नेशनल ज्युडिशियल एकडेमी इसे लीगल ट्रेनिंग और पालिसी मेकिंग का केंद्र बनती है। पत्रकारिता के लिए मप्र में सबसे पुरानी निजी यूनिवर्सिटी में से एक जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी भी मौजूद है, जिसे भारत में मीडिया शिक्षा की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग प्राप्त है।



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