लाॅकडाउन के महीने में रजक समाज का व्यवसाय पूरी तरह बंद रहा। आर्थिक, सामाजिक रूप से कमजोर इस वर्ग की मदद के लिए शासन-प्रशासन ने कोई पहल नहीं की है। रोज कड़े परिश्रम के बाद भी नाममात्र की राशि कमाने वाला यह वर्ग राशन सहित अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहा है। अभा रजक कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल लश्करी, राष्ट्रीय महामंत्री शंकर परमार, समाजसेवी शिव लश्करी और सतीश लश्करी ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को ई-मेल भेजा व ट्वीट किया है। उन्होंने बताया रजक समाज को पूरे प्रदेश में आर्थिक सहायता देने, तीन माह का घरेलू और व्यवसायिक विद्युत देयक माफ करने की मांग की गई। इस वर्ग के अधिकांश लोगों के पास बीपीएल राशनकार्ड तक नहीं हैं। ऐसे में इन परिवारों के समक्ष जीवन-यापन की समस्या खड़ी है। लाॅकडाउन खुलने पर बच्चों के स्कूल मेें प्रवेश, गणवेश, पुस्तकों सहित अन्य व्यय वहन करना काफी मुश्किल होगा। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


लाॅकडाउन के महीने में रजक समाज का व्यवसाय पूरी तरह बंद रहा। आर्थिक, सामाजिक रूप से कमजोर इस वर्ग की मदद के लिए शासन-प्रशासन ने कोई पहल नहीं की है। रोज कड़े परिश्रम के बाद भी नाममात्र की राशि कमाने वाला यह वर्ग राशन सहित अपनी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहा है।
अभा रजक कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल लश्करी, राष्ट्रीय महामंत्री शंकर परमार, समाजसेवी शिव लश्करी और सतीश लश्करी ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को ई-मेल भेजा व ट्वीट किया है। उन्होंने बताया रजक समाज को पूरे प्रदेश में आर्थिक सहायता देने, तीन माह का घरेलू और व्यवसायिक विद्युत देयक माफ करने की मांग की गई। इस वर्ग के अधिकांश लोगों के पास बीपीएल राशनकार्ड तक नहीं हैं। ऐसे में इन परिवारों के समक्ष जीवन-यापन की समस्या खड़ी है। लाॅकडाउन खुलने पर बच्चों के स्कूल मेें प्रवेश, गणवेश, पुस्तकों सहित अन्य व्यय वहन करना काफी मुश्किल होगा।



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