फर्जी पावर ऑफ अटार्नी तैयार कर दूसरे की जमीन दो लोगों को बेचने वाले 3 जालसाजों को अवधपुरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें प्रॉपर्टी डीलर, कॉन्ट्रैक्टर और टेलर शामिल हैं। उक्त प्लॉट के पास कॉन्ट्रैक्टर की साइट चल रही थी। उसने प्रॉपर्टी डीलर को इस जमीन को हथियाने का प्लान बताया। टेलर को प्लॉट मालिक बताकर उसकी पावर ऑफ अटार्नी तैयार करवाई और दो लोगों को ये प्लॉट बेचकर 29.85 लाख रुपए ऐंठ लिए। टीआई विजय त्रिपाठी के मुताबिक महेंद्र पाल सिंह, पुरुषोत्तम दास शर्मा और इमरान बेग को गिरफ्तार किया गया है। तीनों ने अरेरा कॉलोनी निवासी प्रमोद प्रियदर्शी (41) और प्रभाकर सिंह को अपना शिकार बनाया था। फर्जी पावर ऑफ अटार्नी के जरिए एक ही प्लॉट इन दोनों को बेचकर रकम ऐंठ ली। प्रमोद से 12.85 लाख और प्रभाकर से 17 लाख रुपए ऐंठे थे। जांच में खुलासा हुआ कि असल में ये प्लॉट फैक्ट्री संचालक विनोद चुघ का है। पुलिस ने जब चुघ से संपर्क किया तो पता चला कि उन्होंने कभी अपने प्लॉट की पावर ऑफ अटार्नी करवाई ही नहीं। इस आधार पर पुलिस ने प्रमोद और प्रभाकर से सौदा करने वाले महेंद्र पाल को पकड़ा। पूछताछ में उसने दोनों साथियों के साथ गड़बड़ी करना कबूल की। थाना प्रभारी ने बताया कि पुरुषोत्तम कॉन्ट्रैक्टर है। उसकी साइट के बगल में ही विनोद का उक्त प्लॉट स्थित है। पुरुषोत्तम ने ही महेंद्र को इस प्लॉट के बारे में बताते हुए कहा कि इसकी देखरेख करने कोई आता-जाता नहीं है। दोनों ने प्लॉट मालिक की जानकारी जुटाई फिर पुरुषोत्तम ने अपने दोस्त इमरान बेग को साथ मिलाया। इमरान पेशे से टेलर है और पुरुषोत्तम उसके पास अपना सफारी सूट सिलवाने जाया करता था। पुरुषोत्तम के कहने पर इमरान प्लॉट मालिक बनने के लिए तैयार हो गया। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Taylor became the factory operator for the plot, and prepared a fake power of attorney by putting a thumb.


फर्जी पावर ऑफ अटार्नी तैयार कर दूसरे की जमीन दो लोगों को बेचने वाले 3 जालसाजों को अवधपुरी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें प्रॉपर्टी डीलर, कॉन्ट्रैक्टर और टेलर शामिल हैं। उक्त प्लॉट के पास कॉन्ट्रैक्टर की साइट चल रही थी। उसने प्रॉपर्टी डीलर को इस जमीन को हथियाने का प्लान बताया। टेलर को प्लॉट मालिक बताकर उसकी पावर ऑफ अटार्नी तैयार करवाई और दो लोगों को ये प्लॉट बेचकर 29.85 लाख रुपए ऐंठ लिए।
टीआई विजय त्रिपाठी के मुताबिक महेंद्र पाल सिंह, पुरुषोत्तम दास शर्मा और इमरान बेग को गिरफ्तार किया गया है। तीनों ने अरेरा कॉलोनी निवासी प्रमोद प्रियदर्शी (41) और प्रभाकर सिंह को अपना शिकार बनाया था। फर्जी पावर ऑफ अटार्नी के जरिए एक ही प्लॉट इन दोनों को बेचकर रकम ऐंठ ली। प्रमोद से 12.85 लाख और प्रभाकर से 17 लाख रुपए ऐंठे थे। जांच में खुलासा हुआ कि असल में ये प्लॉट फैक्ट्री संचालक विनोद चुघ का है। पुलिस ने जब चुघ से संपर्क किया तो पता चला कि उन्होंने कभी अपने प्लॉट की पावर ऑफ अटार्नी करवाई ही नहीं। इस आधार पर पुलिस ने प्रमोद और प्रभाकर से सौदा करने वाले महेंद्र पाल को पकड़ा। पूछताछ में उसने दोनों साथियों के साथ गड़बड़ी करना कबूल की।

थाना प्रभारी ने बताया कि पुरुषोत्तम कॉन्ट्रैक्टर है। उसकी साइट के बगल में ही विनोद का उक्त प्लॉट स्थित है। पुरुषोत्तम ने ही महेंद्र को इस प्लॉट के बारे में बताते हुए कहा कि इसकी देखरेख करने कोई आता-जाता नहीं है। दोनों ने प्लॉट मालिक की जानकारी जुटाई फिर पुरुषोत्तम ने अपने दोस्त इमरान बेग को साथ मिलाया। इमरान पेशे से टेलर है और पुरुषोत्तम उसके पास अपना सफारी सूट सिलवाने जाया करता था। पुरुषोत्तम के कहने पर इमरान प्लॉट मालिक बनने के लिए तैयार हो गया।



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