सोने और चांदी की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। सोने और चांदी के भाव में रिकार्ड बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसा दस साल बाद हुआ है। लॉकडाउन से अनलॉक तक चार महीने में चौथी बार सोने और चांदी के भाव एकदम बढ़े हैं। पहले इसका कारण कोरोना और सीमा विवाद सामने आया था। अब बड़े इनवेस्टरों द्वारा अपना रुपया आभूषणों में कनवर्ट करना सामने आया है। लगातार भाव बढ़ने से शहर का सराफा बाजार नीचे की ओर जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि रकम बनवाकर रखने वाले ग्राहक कीमत कम होने का इंतजार कर रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से चांदी के भाव बढ़े है। यह तेजी आगे भी बनी रहने की उम्मीद है। व्यापारियों के अनुसार चार 23 मार्च को सोने के भाव 42,300 रुपए प्रति दस ग्राम थे। अब 57 हजार रुपए है। वहीं चांदी के भाव 39,000 रुपए प्रतिकिलो थे, जो अब 68 हजार रुपए प्रतिकिलो है। यानी चांदी 29 हजार रुपए प्रतिकिलो महंगी हुई है। व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर में तेजी का असर है। लॉकडाउन में नकदी का टोटा, अब रुपया निकालकर आभूषणों में कनवर्ट कर रहे इनवेस्टर्स : सराफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष सतीश सोनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से घरेलू बाजार में तेजी है। इससे आगे भी सोने और चांदी के भाव में तेजी बनी रहेगी। इसके साथ ही इंदौर-भोपाल जैसे बड़े शहरों के व्यापारियों से फीडबैक लेने पर पता चला है कि लॉकडाउन में बड़े इनवेस्टर्स का पैसा भी लॉक हो गया था। वे चाहकर भी रुपया नहीं निकाल पा रहे थे। जून में लॉकडाउन खुलते ही इनवेस्टर्स ने रुपया बैंकों से निकालकर सोना-चांदी खरीदना शुरू कर दिया। जिससे अचानक सोना-चांदी के दाम बढ़े हैं। इस प्रकार बढ़े सोने और चांदी के भाव अप्रैल-मई में सोने के भाव 41700-42800 से बढ़कर सीधे 45400 तक पहुंच गए थे। चांदी के भाव भी 40980-42780 से बढ़कर 50187 रुपए प्रति किलो पहुंच गए थे। 23 जुलाई को सोना 51 हजार व चांदी के भा 60 हजार 300 रुपए हो गए थे। लेकिन अब सोना 57 हजार रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 68 हजार रुपए प्रति किलो है। व्यापारियों की मानें तो चांदी के भाव दस साल बाद इतने बढ़े हैं। इससे पहले वर्ष 2010 में चांदी के भाव 55-60 हजार रुपए तक पहुंचे थे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


सोने और चांदी की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। सोने और चांदी के भाव में रिकार्ड बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसा दस साल बाद हुआ है। लॉकडाउन से अनलॉक तक चार महीने में चौथी बार सोने और चांदी के भाव एकदम बढ़े हैं। पहले इसका कारण कोरोना और सीमा विवाद सामने आया था। अब बड़े इनवेस्टरों द्वारा अपना रुपया आभूषणों में कनवर्ट करना सामने आया है। लगातार भाव बढ़ने से शहर का सराफा बाजार नीचे की ओर जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि रकम बनवाकर रखने वाले ग्राहक कीमत कम होने का इंतजार कर रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से चांदी के भाव बढ़े है। यह तेजी आगे भी बनी रहने की उम्मीद है। व्यापारियों के अनुसार चार 23 मार्च को सोने के भाव 42,300 रुपए प्रति दस ग्राम थे। अब 57 हजार रुपए है। वहीं चांदी के भाव 39,000 रुपए प्रतिकिलो थे, जो अब 68 हजार रुपए प्रतिकिलो है। यानी चांदी 29 हजार रुपए प्रतिकिलो महंगी हुई है। व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर में तेजी का असर है।
लॉकडाउन में नकदी का टोटा, अब रुपया निकालकर आभूषणों में कनवर्ट कर रहे इनवेस्टर्स : सराफा व्यापारी संघ के अध्यक्ष सतीश सोनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से घरेलू बाजार में तेजी है। इससे आगे भी सोने और चांदी के भाव में तेजी बनी रहेगी। इसके साथ ही इंदौर-भोपाल जैसे बड़े शहरों के व्यापारियों से फीडबैक लेने पर पता चला है कि लॉकडाउन में बड़े इनवेस्टर्स का पैसा भी लॉक हो गया था। वे चाहकर भी रुपया नहीं निकाल पा रहे थे। जून में लॉकडाउन खुलते ही इनवेस्टर्स ने रुपया बैंकों से निकालकर सोना-चांदी खरीदना शुरू कर दिया। जिससे अचानक सोना-चांदी के दाम बढ़े हैं।

इस प्रकार बढ़े सोने और चांदी के भाव
अप्रैल-मई में सोने के भाव 41700-42800 से बढ़कर सीधे 45400 तक पहुंच गए थे। चांदी के भाव भी 40980-42780 से बढ़कर 50187 रुपए प्रति किलो पहुंच गए थे। 23 जुलाई को सोना 51 हजार व चांदी के भा 60 हजार 300 रुपए हो गए थे। लेकिन अब सोना 57 हजार रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 68 हजार रुपए प्रति किलो है। व्यापारियों की मानें तो चांदी के भाव दस साल बाद इतने बढ़े हैं। इससे पहले वर्ष 2010 में चांदी के भाव 55-60 हजार रुपए तक पहुंचे थे।



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