इंदौर के खजराना इलाके में मदसरे में पढ़ाने वाला एक शिक्षक काेरोना पॉजिटिव पाया गया है। जामनेर निवासी 30 वर्षीय टीचर 1 अप्रैल को इंदौर से जामनेर पहुंचा था। तबीयत खराब होने के बाद वह 8 अप्रैल को साथी के साथ जांच करवाने सिटी सिविल अस्पताल पहुंचा। इसके बाद उसे भोपाल के एम्स अस्पताल भेज दिया गया था, यहां गुरुवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। टीचर के साथ आए साथी को तलाशने के साथ ही संक्रमित की हिस्ट्री भी तलाशी जा रही है। यह शाजापुर का पहला मामला है। इसके बाद जामनेर को सील करने के साथ ही पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज करवाया जा रहा है।इसके पहले बुधवार को 13 सैंपल की रिपोर्ट की निगेटिव आई थी। जिले से अब तक भेजे गए कुल 22 में से एक भी सैंपल पॉजिटिव नहीं आए थे। वहीं, शुजालपुर अस्पताल से 5 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। इनकी रिपोर्ट भी एक दो दिन में आने की उम्मीद है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today फव्वारा चौराहा और जिला अस्पताल चौराहा शहर का व्यस्ततम क्षेत्र है। यहां हमेशा चहल-पहल रहती है, लेकिन लॉकडाउन के चलते गेट के पास सिर्फ यहां की 4 मेडिकल दुकानें की खुली दिखाई दीं। सड़क के दोनों तरफ खुली इन दुकानों पर भी गिने चुने लोग ही दवाई खरीदी करते देखे गए। बाकी फव्वारे से लेकर नई सड़क तक कोई भी दिखाई नहीं दिया। जिला अस्पताल में भी सन्नाटा दिखाई दिया।


इंदौर के खजराना इलाके में मदसरे में पढ़ाने वाला एक शिक्षक काेरोना पॉजिटिव पाया गया है। जामनेर निवासी 30 वर्षीय टीचर 1 अप्रैल को इंदौर से जामनेर पहुंचा था। तबीयत खराब होने के बाद वह 8 अप्रैल को साथी के साथ जांच करवाने सिटी सिविल अस्पताल पहुंचा। इसके बाद उसे भोपाल के एम्स अस्पताल भेज दिया गया था, यहां गुरुवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। टीचर के साथ आए साथी को तलाशने के साथ ही संक्रमित की हिस्ट्री भी तलाशी जा रही है। यह शाजापुर का पहला मामला है। इसके बाद जामनेर को सील करने के साथ ही पूरे क्षेत्र को सैनिटाइज करवाया जा रहा है।इसके पहले बुधवार को 13 सैंपल की रिपोर्ट की निगेटिव आई थी। जिले से अब तक भेजे गए कुल 22 में से एक भी सैंपल पॉजिटिव नहीं आए थे। वहीं, शुजालपुर अस्पताल से 5 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। इनकी रिपोर्ट भी एक दो दिन में आने की उम्मीद है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
फव्वारा चौराहा और जिला अस्पताल चौराहा शहर का व्यस्ततम क्षेत्र है। यहां हमेशा चहल-पहल रहती है, लेकिन लॉकडाउन के चलते गेट के पास सिर्फ यहां की 4 मेडिकल दुकानें की खुली दिखाई दीं। सड़क के दोनों तरफ खुली इन दुकानों पर भी गिने चुने लोग ही दवाई खरीदी करते देखे गए। बाकी फव्वारे से लेकर नई सड़क तक कोई भी दिखाई नहीं दिया। जिला अस्पताल में भी सन्नाटा दिखाई दिया।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3bZtRlq
via IFTTT

No comments:

Post a Comment