कोरोना वायरस का असर शादी विवाह पर पड़ रहा है। वायरस से बचाव के लिए सामूहिक कार्यक्रमाें पर राेक लगी है। ऐसे में जिन लोगों की शादी तय हाे गई हैं वे समाराेह को लेकर चिंतित हैं और परमिशन के लिए कलेक्टोरेट पहुंच रहे हैं। मंगलवार को अपने-अपने बेटे-बेटी की शादी के कार्ड लेकर उनके पिता परमिशन लेने पहुंचे, लेकिन उन्हें परमिशन नहीं मिली। हर कोई सिर्फ एक ही बात कह रहा था हम सिर्फ 5 लोगों को शादी में बुला लेंगे।
शहबाजपुर से आए कल्याण पाल ने बताया कि उनकी दो जुड़वा बेटियां सीता और बबीता हैं। दोनों की ही 26 अप्रैल की शादी निकली है। एक की शादी बहेरिया और दूसरी की घटावदा से होना है। अगले साल शादी नहीं है और फिर गुरु लग रहे हैं जिस कारण बेटियों की शादी 3 साल के लिए आगे बढ़ रही है। खिरिया महू के चुन्नीलाल के बेटे की शादी सेसई से 26 अप्रैल को होना है। शादी की परमिशन के लिए शादी का कार्ड साथ लेकर पहुंचे। उनका कहना था कि पहले बेटे की शादी 15 अप्रैल को थी, जिसेे लॉकडाउन के कारण 26 अप्रैल कर दिया। 5 लोग शादी में शामिल हो पाएं इसके लिए परमिशन लेने आए हैं फिलहाल कुछ जवाब नहीं मिल रहा। इसी तरह 1 मई को हीरालाल कड़ेसरा, रामबाबू सेन डुंगासरा, कल्लू अपने बेटे बेटी की शादी की परमिशन लेने के लिए पहुंचे।
ये भी है एक समस्या
कुछ लोग मजबूरी में शादी कर रहे हैं क्योंकि वर वधु की कुंडली मिलान के दौरान ऐसी स्थिति बनी है कि यदि अप्रैल में मिले मुहूर्त में शादी नहीं होती तो दो या तीन साल बाद शादी का मुहूर्त मिलेगा।
इधर..रिटायर्ड राजस्व निरीक्षक भाई की अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हाे पाए
राजन बी नाडिया, डिप्टी कलेक्टर अशाेकनगर के मुताबिक,स्वामी जी की बगिया निवासी सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक राधेश्याम जोशी के बड़े भाई जो गुना में रहते हैं जिनका मंगलवार को निधन हाे गया। इनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने उनकाे परमिशन नहीं मिली। वे अपने बेटे के साथ परमिशन लेने के लिए गए थे। उनका कहना था कि वे पत्नी और दाे बच्चों के साथ गुना जाना चाहते हैं।
^मैं शादी का काम ही नहीं संभाल रहा हूं। मुझे यह भी पता नहीं है कि यह काम कौन देखेगा, मैरिज ऑफिसर होते हैं एडीएम साहब होते हैं।
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