कोरोना की इस जंग में प्रशासनिक अधिकारी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोई 8 घंटे तो कोई 12 घंटे सेवा दे रहा है। इन्हीं सब के बीच कुछ ऐसे भी योद्धा हैं जो अपनी ड्यूटी के साथ की मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। मानवता की ऐसी ही मिसाल जोबट एसडीएम किरण अांजना ने पेश की और नाम को सार्थक किया। एसडीएम आंजना एक प्रसूता के लिए उम्मीद की किरण बनी। एसडीएम ने रास्ते में दर्द से तड़प रही एक प्रसूता को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रसूता ने बालिका को जन्म दिया। परिजन ने भी एसडीएम को धन्यवाद अलग अंदाज में दिया। उन्होंने बच्ची का नाम एसडीएम किरण के नाम पर रख दिया। अब बच्चा-जच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today एसडीएम आंजना एक प्रसूता के लिए उम्मीद की किरण बनी। एसडीएम ने रास्ते में दर्द से तड़प रही एक प्रसूता को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया।


कोरोना की इस जंग में प्रशासनिक अधिकारी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कोई 8 घंटे तो कोई 12 घंटे सेवा दे रहा है। इन्हीं सब के बीच कुछ ऐसे भी योद्धा हैं जो अपनी ड्यूटी के साथ की मानवता की मिसाल भी पेश कर रहे हैं। मानवता की ऐसी ही मिसाल जोबट एसडीएम किरण अांजना ने पेश की और नाम को सार्थक किया। एसडीएम आंजना एक प्रसूता के लिए उम्मीद की किरण बनी। एसडीएम ने रास्ते में दर्द से तड़प रही एक प्रसूता को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रसूता ने बालिका को जन्म दिया। परिजन ने भी एसडीएम को धन्यवाद अलग अंदाज में दिया। उन्होंने बच्ची का नाम एसडीएम किरण के नाम पर रख दिया। अब बच्चा-जच्चा दोनों स्वस्थ्य हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
एसडीएम आंजना एक प्रसूता के लिए उम्मीद की किरण बनी। एसडीएम ने रास्ते में दर्द से तड़प रही एक प्रसूता को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाया।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3ansNXn
via IFTTT

No comments:

Post a Comment