मांडू के वार्ड क्रमांक 4 में रहने वाले पूर्व पार्षद दिनेश पटेल और वर्तमान पार्षद मुकेश पटेल के जीजा संजय पिता अंबालाल पटेल (50) का बुधवार काे हृदयाघात से निधन हाे गया। मांडू से अस्पताल ले जाते समय नालछा के आसपास ही मौच हाे गई। वे अपने छोटे बेटे को छुट्टियों में उसके मामा के यहां छोड़ने आए थे। इसी बीच लाॅकडाउन होने से यहीं रुक गए। उनका अक्सर मांडू में आना जाना हाेता है। गुजरात के आणंद जिले के संजय पटेल का ससुराल मांडू में है।लाॅकडाउन कारण नहीं आ पाया परिवार : संजय पटेल काफी समय से मांडू में ही रह रहे थे। उनके निधन के बाद परिवार वाले न तो उनका शव गुजरात ले जा पाए न ही गुजरात से परिवार मांडू आ पाया। पटेल की पत्नी गुजरात के आणंद शहर में रहती है। उनके 2 बच्चे भी एक 15 व 13 वर्ष का है। जब गुजरात में सदस्यों का यह आना नहीं हो पाया तो छोटे बेटे गुंजन पटेल ने ही पिता को मुखाग्नि दी। मांडू में पहली बार ऐसी शव यात्रा देखी। चार लोगों की मौजूदगी में मुक्तिधाम पर पुत्र गुंजन ने पिता को मुखाग्नि दी। घर के सामने परिवार के लोगों ने दूर से दर्शन किए वहीं पत्नी प्रमिला और बड़े पुत्र तीर्थ ने वीडियो कॉलिंग से श्रद्धांजलि दी। लगभग पूरा परिवार विदेश में है : संजय पटेल के भाई-बहन व दूर के रिश्तेदार अमेरिका, कनाडा, केन्या जैसे देशों में रहते हैं अाैर व्यापारी हैं। इस बात की खबर जब परिवार वालों को लगी तो सभी ने कनाडा और अमेरिका से उनके अंतिम दर्शन व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करके किए। कनाडा में रहने वाली उनकी बहन ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल में देखा वह अपने आंसू नहीं रोक पाई। पूरे परिवार के साथ उन्होंने श्रद्धांजलि दी। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today Wife-elder son did not arrive, paid tribute from video calling


मांडू के वार्ड क्रमांक 4 में रहने वाले पूर्व पार्षद दिनेश पटेल और वर्तमान पार्षद मुकेश पटेल के जीजा संजय पिता अंबालाल पटेल (50) का बुधवार काे हृदयाघात से निधन हाे गया। मांडू से अस्पताल ले जाते समय नालछा के आसपास ही मौच हाे गई।
वे अपने छोटे बेटे को छुट्टियों में उसके मामा के यहां छोड़ने आए थे। इसी बीच लाॅकडाउन होने से यहीं रुक गए। उनका अक्सर मांडू में आना जाना हाेता है। गुजरात के आणंद जिले के संजय पटेल का ससुराल मांडू में है।लाॅकडाउन कारण नहीं आ पाया परिवार : संजय पटेल काफी समय से मांडू में ही रह रहे थे। उनके निधन के बाद परिवार वाले न तो उनका शव गुजरात ले जा पाए न ही गुजरात से परिवार मांडू आ पाया। पटेल की पत्नी गुजरात के आणंद शहर में रहती है। उनके 2 बच्चे भी एक 15 व 13 वर्ष का है। जब गुजरात में सदस्यों का यह आना नहीं हो पाया तो छोटे बेटे गुंजन पटेल ने ही पिता को मुखाग्नि दी। मांडू में पहली बार ऐसी शव यात्रा देखी। चार लोगों की मौजूदगी में मुक्तिधाम पर पुत्र गुंजन ने पिता को मुखाग्नि दी। घर के सामने परिवार के लोगों ने दूर से दर्शन किए वहीं पत्नी प्रमिला और बड़े पुत्र तीर्थ ने वीडियो कॉलिंग से श्रद्धांजलि दी।

लगभग पूरा परिवार विदेश में है : संजय पटेल के भाई-बहन व दूर के रिश्तेदार अमेरिका, कनाडा, केन्या जैसे देशों में रहते हैं अाैर व्यापारी हैं। इस बात की खबर जब परिवार वालों को लगी तो सभी ने कनाडा और अमेरिका से उनके अंतिम दर्शन व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करके किए। कनाडा में रहने वाली उनकी बहन ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल में देखा वह अपने आंसू नहीं रोक पाई। पूरे परिवार के साथ उन्होंने श्रद्धांजलि दी।



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