कोविड- 19 संक्रमण काल में आर्थिक रूप से तंगी का सामना कर रही स्व- सहायता समूह की महिलाओं को बिजली कंपनी बिल की राशि वसूलने की जिम्मेदारी देने जा रही है। इन महिलाओं द्वारा जहां एक ओर बिजली के बिल राशि वसूल की जाएगी, वहीं दूसरी ओर बिजली के नए कनेक्शन के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। इस कार्य के लिए इन महिलाओं को बिजली कंपनी की तरफ से दस प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। यहां बता दें सोमवार को बिजली कंपनी की बैठक में डीई यशपाल सचदेवा द्वारा 9 स्व- सहायता समूह की महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के बिल की राशि वसूल किए जाने की जिम्मेदारी दी गई। डीई के मुताबिक गोहद क्षेत्र में 203 गांव हैं। जिनमें 5 हजार से अधिक ग्रामीण बिजली उपभोक्ता हैं। जिन पर 12 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। जिसकी वसूली के लिए स्व- सहायता समूह की महिलाएं बकायादारों को उपभोक्ताओं को बिजली का बिल चुकाने प्रेरित करेंगी। इसके अलावा यदि बिलों में कोई त्रुटि पाई जाती है तो यह कंपनी से समन्वय कर उस त्रुटी में सुधार भी कराएंगी। इस से उन उपभोक्ताओं को खासी सहूलियत मिलेगी जो बिल की त्रुटि को सुधरवाने के लिए कंपनी कार्यालय और कर्मचारियों के चक्कर लगाते हुए थक जाते हैं। बकायादार बिजली उपभोक्ताओं से वसूली करने पर महिलाओं को बिल का 8 से 10 प्रतिशत और नया बिजली कनेक्शन कराने पर 50 से 100 रुपए कमीशन दिया जाएगा। इस पहल से कोरोना संक्रमण काल में आर्थिक तंगी झेल रही महिलाओं को राहत मिल सकेगी। शिक्षित महिलाओं को सौंपा गई है जिम्मेदारी बिजली बिल की राशि वसूली का काम जिन महिलाओं को सौंपा गया है वे सभी शिक्षित हैं। यह समूह में ही काम करेंगे। लॉकडाउन के दौरान समूह के कामकाज बंद होने से इन्हें अपने परिवारजन का भरण पोषण करने में परेशानी हो रही थी। अगर इन महिलाओं के कार्य के अच्छे परिणाम आए तो शहरी क्षेत्र में भी समूह से संबद्ध महिलाओं को यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। यशपाल सचदेवा, डीई, मप्रमक्षेबिविकं, गोहद Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


कोविड- 19 संक्रमण काल में आर्थिक रूप से तंगी का सामना कर रही स्व- सहायता समूह की महिलाओं को बिजली कंपनी बिल की राशि वसूलने की जिम्मेदारी देने जा रही है। इन महिलाओं द्वारा जहां एक ओर बिजली के बिल राशि वसूल की जाएगी, वहीं दूसरी ओर बिजली के नए कनेक्शन के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। इस कार्य के लिए इन महिलाओं को बिजली कंपनी की तरफ से दस प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा।
यहां बता दें सोमवार को बिजली कंपनी की बैठक में डीई यशपाल सचदेवा द्वारा 9 स्व- सहायता समूह की महिलाओं को ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के बिल की राशि वसूल किए जाने की जिम्मेदारी दी गई। डीई के मुताबिक गोहद क्षेत्र में 203 गांव हैं। जिनमें 5 हजार से अधिक ग्रामीण बिजली उपभोक्ता हैं। जिन पर 12 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। जिसकी वसूली के लिए स्व- सहायता समूह की महिलाएं बकायादारों को उपभोक्ताओं को बिजली का बिल चुकाने प्रेरित करेंगी। इसके अलावा यदि बिलों में कोई त्रुटि पाई जाती है तो यह कंपनी से समन्वय कर उस त्रुटी में सुधार भी कराएंगी। इस से उन उपभोक्ताओं को खासी सहूलियत मिलेगी जो बिल की त्रुटि को सुधरवाने के लिए कंपनी कार्यालय और कर्मचारियों के चक्कर लगाते हुए थक जाते हैं।
बकायादार बिजली उपभोक्ताओं से वसूली करने पर महिलाओं को बिल का 8 से 10 प्रतिशत और नया बिजली कनेक्शन कराने पर 50 से 100 रुपए कमीशन दिया जाएगा। इस पहल से कोरोना संक्रमण काल में आर्थिक तंगी झेल रही महिलाओं को राहत मिल सकेगी।
शिक्षित महिलाओं को सौंपा गई है जिम्मेदारी
बिजली बिल की राशि वसूली का काम जिन महिलाओं को सौंपा गया है वे सभी शिक्षित हैं। यह समूह में ही काम करेंगे। लॉकडाउन के दौरान समूह के कामकाज बंद होने से इन्हें अपने परिवारजन का भरण पोषण करने में परेशानी हो रही थी। अगर इन महिलाओं के कार्य के अच्छे परिणाम आए तो शहरी क्षेत्र में भी समूह से संबद्ध महिलाओं को यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।
यशपाल सचदेवा, डीई, मप्रमक्षेबिविकं, गोहद



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