बढ़ते हुए डीजल-पेट्रोल एवं रसोई गैस के दामों के विरोध में कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष बीके नामदेव के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने एक ज्ञापन सोमवार को राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर रोहित सिंह को सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया कि सितंबर 2019 में पेट्रोल के दाम 71 रुपए थे। जो कि बढ़कर 80 तक पहुंचे और इसी साल जून महीने में 16 दिन के अंदर पेट्रोल के दाम 80 से बढ़कर 86 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। मात्र एक वर्ष में ही 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी होने से आम आदमी की कमर टूट गई है। लोगों में पेट्रोल के बढ़ते दामों से भारत सरकार के प्रति आक्रोश है। मप्र में बढ़ती डीजल-पेट्रोल की कीमतों से आमजन काफी परेशान है। पहले से ही आमजन कोरोना जैसी महामारी से आर्थिक आपदा से जूझ रहा है। ऐसी में डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाकर सरकार आमजन की कमर तोड़ने का कार्य कर रही है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट होने के बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर डीजल-पेट्रोल के दामों को आसमान पर ले जा रहे हैं जिससे किसान मजदूर आम जनमानस पर काफी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ज्ञापन में राष्ट्रपति से बढ़ती हुई डीजल पेट्रोल की कीमतों पर अंकुश लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में महेश गुलवानी, भानू ठाकुर, नरेंद्र तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, लाल खान, रहीस खान आदि शामिल रहे। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


बढ़ते हुए डीजल-पेट्रोल एवं रसोई गैस के दामों के विरोध में कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष बीके नामदेव के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने एक ज्ञापन सोमवार को राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर रोहित सिंह को सौंपा।
ज्ञापन में उल्लेख किया कि सितंबर 2019 में पेट्रोल के दाम 71 रुपए थे। जो कि बढ़कर 80 तक पहुंचे और इसी साल जून महीने में 16 दिन के अंदर पेट्रोल के दाम 80 से बढ़कर 86 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। मात्र एक वर्ष में ही 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी होने से आम आदमी की कमर टूट गई है। लोगों में पेट्रोल के बढ़ते दामों से भारत सरकार के प्रति आक्रोश है। मप्र में बढ़ती डीजल-पेट्रोल की कीमतों से आमजन काफी परेशान है। पहले से ही आमजन कोरोना जैसी महामारी से आर्थिक आपदा से जूझ रहा है। ऐसी में डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ाकर सरकार आमजन की कमर तोड़ने का कार्य कर रही है। कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट होने के बाद भी प्रदेश सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर डीजल-पेट्रोल के दामों को आसमान पर ले जा रहे हैं जिससे किसान मजदूर आम जनमानस पर काफी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से बढ़ती हुई डीजल पेट्रोल की कीमतों पर अंकुश लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में महेश गुलवानी, भानू ठाकुर, नरेंद्र तिवारी, अशोक श्रीवास्तव, लाल खान, रहीस खान आदि शामिल रहे।



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