प्रदेश में संचालित आयुष कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नवंबर में होगी। इसकी वजह कॉलेजों की मान्यता रिन्युअल की कार्रवाई तीन महीने पिछड़ना है। वहीं दूसरी ओर सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) ने आयुष कॉलेजों की माान्यता रिन्युअल की प्रक्रिया तय करने सरकारी और निजी आयुष कॉलेज संचालकों और प्राचार्यों से कॉलेज इंस्पेक्शन को लेकर सुझाव मांगे हैं। एसोसिएशन ऑफ धनवंतरी ग्रेजुएट एंड पोस्ट ग्रेजुएट आयुर्वेद कॉलेज समिति के सचिव डॉ. हेमंंत सिंह चौहान ने बताया कि फरवरी - मार्च में सीसीआईएम को सरकारी और निजी आयुष कॉलेजों की मान्यता रिन्यू करने निरीक्षण करना था। जो मार्च में कोरोना के कारण लाॅकडाउन होने के कारण नहीं हो सका है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


प्रदेश में संचालित आयुष कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नवंबर में होगी। इसकी वजह कॉलेजों की मान्यता रिन्युअल की कार्रवाई तीन महीने पिछड़ना है। वहीं दूसरी ओर सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) ने आयुष कॉलेजों की माान्यता रिन्युअल की प्रक्रिया तय करने सरकारी और निजी आयुष कॉलेज संचालकों और प्राचार्यों से कॉलेज इंस्पेक्शन को लेकर सुझाव मांगे हैं।

एसोसिएशन ऑफ धनवंतरी ग्रेजुएट एंड पोस्ट ग्रेजुएट आयुर्वेद कॉलेज समिति के सचिव डॉ. हेमंंत सिंह चौहान ने बताया कि फरवरी - मार्च में सीसीआईएम को सरकारी और निजी आयुष कॉलेजों की मान्यता रिन्यू करने निरीक्षण करना था। जो मार्च में कोरोना के कारण लाॅकडाउन होने के कारण नहीं हो सका है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3doEAGx
via IFTTT

No comments:

Post a Comment